Ads 468x60px

छळावौ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
छळावौ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

छळावौ

चित्र : मोहनलाल जावा
जोधपुर रै ठैसण माथै अेक-दूजै नै आमै-सामै देख‘र अचरज में पडयां बौल उठयां, ‘थूं’ ? जेठ रै तपतै तावड़ियै रो दौपेरी रौ बखत हो। सपना नै मुंबई जावणौ हो, जदकि तिरलोक हाउड़ा सूं आयी गाड़ी सूं उतरयो हो। ठैसण री भीड़ बीचाळै दोनुं जणा होस-हवास गुमायौड़ा उभां हां। आसै-पासै सौर-सराबै सूं अणजाण हुयोड़ा ठैसण रै